संसार में हम लोगों को उनके पद, धन तथा शक्ति से तौलते हैं। अध्यात्म में जब हम ‘मैं-मेरा’ की भावना से मुक्त हो जाते हैं, तब हम महान बनते हैं|  तब मनुष्य  भगवान  बन जाता है। – अम्माpic.twitter.com/8WU7v1z19z

Source: chimes